Hindi Cell
भा.कृ.अनु.प.–केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर का हिन्दी अनुभाग हिन्दी के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रचार-प्रसार की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिसके लिए एक समिति गठित की गई है जो सभी प्रभागों/प्रकोष्ठों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती है, राजभाषा कार्यान्वयन समिति सक्षम प्राधिकारी के निर्देशानुसार गठित की गई है।
“संस्थान राजभाषा कार्यान्वयन समिति”
- डॉ. विजय नामदेव वाघमारे, निदेशक :- सभापति
- डॉ. जी. टी. बेहेरे, विभाग प्रमुख, फसल संरक्षण विभाग :- सदस्य
- डॉ. अर्जुन तायडे, विभाग प्रमुख, फसल उत्पादन विभाग :- सदस्य
- डॉ. विनिता गोतमारे, प्रभारी, विभाग प्रमुख, फसल सुधार विभाग :- सदस्य
- डॉ. रचना पाण्डे, वरिष्ठ वैज्ञानिक :- सदस्य
- श्री पुनीत कुमार, प्रशासनिक अधिकारी :- सदस्य
- श्रीमती रमा अय्यर, निजी सचिव, निदेशक :- सदस्य
- श्रीमती चेताली रोडगे, तकनीकी अधिकारी :- सदस्य
- श्री भूमेश्वर फंदे , तकनीकी सहायक :- सदस्य
- श्री आशुतोष मिश्रा, तकनीशियन :- सदस्य
- श्रीमती स्वाती दीक्षित, मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं प्रभारी हिन्दी अनुभाग :- सदस्य सचिव
भा.कृ.अनु.प.–केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर में हिन्दी अनुभाग के कार्य
मुख्य उद्देश्य: संघ की राजभाषा नीति का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
कार्यसूची
- अधिकारियों/कर्मचारियों को हिंदी में शासकीय कार्य करने हेतु प्रशिक्षण।
- राजभाषा आदेश/अनुदेशों का अनुपालन।
- राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकें आयोजित करना, कार्यवृत्त तैयार करना और
अनुवर्ती कार्रवाई पर निगरानी। - सभी प्रभागों से प्राप्त हिंदी तिमाही प्रतिवेदन का समेकन और सम्बन्धित विभागों को
प्रेषण। - औचक निरीक्षण के लिए निरीक्षण प्रश्नावली का अद्यतन।
- नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (TOLIC) की छमाही बैठक में नियमित
प्रतिनिधित्व। - परिपत्र जारी कर हिंदी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा।
- हिंदी ज्ञान से संबंधित रोस्टर तैयार करना।
- कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करना।
- क्षेत्रीय केन्द्रों का राजभाषा निरीक्षण।
- प्रवीण अधिकारियों/कर्मचारियों को 100% प्रशासनिक कार्य हिन्दी में करने हेतु
कार्यालय प्रमुख के आदेश। - हिंदी दिवस/पखवाड़ा/मास का आयोजन और प्रतियोगिताएं।
- वार्षिक राजभाषा पत्रिका का सम्पादन एवं प्रकाशन।
- सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से हिंदी प्रचार-प्रसार।
राष्ट्रभाषा हिन्दी – संस्थागत कार्यान्वयन
राष्ट्रभाषा हिन्दी संविधानिक रूप से भारत की राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित है। भारतीय संविधान की भाग 17 (अनुच्छेद 343–351) में हिन्दी से संबंधित प्राविधान निर्धारित हैं।
- अनुच्छेद 343(1): हिन्दी को संघ की राजभाषा (Official Language) के रूप में मान्यता।
- केंद्रीय सरकार के कार्यालयों में कार्य की भाषा हिन्दी होगी।
- लिपि: देवनागरी, अंकों का रूप: भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप।
- अनुच्छेद 351: संघ सरकार का दायित्व कि वह हिन्दी का प्रसार, विकास और भारत की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाए।
राजभाषा के कार्यान्वयन हेतु प्रावधान
- राजभाषा अधिनियम, 1963 (समय-समय पर संशोधित)
- राजभाषा नियम, 1976 (समय-समय पर संशोधित)
- नियम 12 के अनुसार, कार्यान्वयन की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख/अध्यक्ष की है।
- संसदीय राजभाषा समिति: कार्यालय प्रमुख से सीधे औचक निरीक्षण एवं प्रश्न।
- राष्ट्रपति के आदेश, 1960 एवं संसद द्वारा 1968 में पारित राजभाषा संकल्प।
- केन्द्रीय हिन्दी समिति (प्रधानमंत्री अध्यक्ष) – नीति निर्धारण।
- भारत के गृह मंत्री: उपाध्यक्ष
- गृह राज्य मंत्री, 6 मंत्रालयों के मंत्री, 6 राज्यों के मुख्यमंत्री
- देशभर के 21 विद्वान/साहित्यकार, राजभाषा विभाग के सचिव
भाकृअनुप – राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि उपयोग नियोजन ब्यूरो, नागपुर में राजभाषा अनुभाग के कार्य
मुख्य उद्देश्य: संघ की राजभाषा नीति का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
कार्यसूची
- अधिकारियों/कर्मचारियों को हिंदी में शासकीय कार्य करने हेतु प्रशिक्षण।
- राजभाषा आदेश/अनुदेशों का अनुपालन।
- राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकें आयोजित करना, कार्यवृत्त तैयार करना और अनुवर्ती कार्रवाई पर निगरानी।
- सभी प्रभागों से प्राप्त हिंदी तिमाही प्रतिवेदन का समेकन और सम्बन्धित विभागों को प्रेषण।
- औचक निरीक्षण के लिए निरीक्षण प्रश्नावली का अद्यतन।
- नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (TOLIC) की छमाही बैठक में नियमित प्रतिनिधित्व।
- परिपत्र जारी कर हिंदी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा।
- हिंदी ज्ञान से संबंधित रोस्टर तैयार करना।
- कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करना।
- क्षेत्रीय केन्द्रों का राजभाषा निरीक्षण।
- प्रवीण अधिकारियों/कर्मचारियों को 100% प्रशासनिक कार्य हिन्दी में करने हेतु कार्यालय प्रमुख के आदेश।
- हिंदी दिवस/पखवाड़ा/मास का आयोजन और प्रतियोगिताएं।
- वार्षिक राजभाषा पत्रिका का सम्पादन एवं प्रकाशन।
- सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से हिंदी प्रचार-प्रसार।
निष्कर्ष:
हिन्दी अनुभाग, भाकृअनुप–केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर में हिन्दी के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रचार-प्रसार की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
समिति गठन:
सभी प्रभागों/प्रकोष्ठों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए, राजभाषा कार्यान्वयन समिति सक्षम प्राधिकारी के निर्देशानुसार गठित की गई है।
